जौनपुर। विकलांगता पूरे विश्व के लिए एक चुनौती बनकर उभरी है। आज दुनिया के एक अरब लोग किसी न किसी रूप में विकलांगता से पीड़ित है। उक्त बातें पुनर्वास केन्द्र लाइन बाजार में विश्व विकलांगता दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में डा. पीपी दूबे ने कही। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने विकलांगता को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। सरकारों द्वारा विकलांगों को कृतिम अंग, पेंशन, यात्रा आदि की सुविधाएं प्रदान की है तथा उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए प्रयासरत है, फिर भी जनजागरण के अभाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार शशि मोहन सिंह क्षेम ने कहा कि विकलांगता कई प्रकार की होती है। कुछ लोग शारीरिक रूप से विकलांग हैं तो कुछ लोग मानसिक रूप से विकलांग है। मानसिक रूप से विकलांगों का उपचार बहुत कठिन है। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता अजीत सिंह ने कहा कि सरकार विभिन्न सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रदान कर रही है। उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। विकलांगों को इनका लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया जाना चाहिये। इसके लिए संसाधन जुटाने होंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्ण त्रिपाठी ने किया। अन्त में राजेन्द्र सिंह ने आगन्तुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर दयाशंकर सिंह, अनिल विश्वकर्मा, जेड हुसैन, विद्या देवी सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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