​Jaunpur : ठण्ड एवं शीतलहर से उत्पन्न होने वाले रोगों से बचाव के लिये आवश्यक दिशा निर्देश जारी

जौनपुर। शीतलहर से बचाव हेतु तैयारियों के दृष्टिगत जनपदवासियों के लिए सम्बन्धित एडवाइजरी हो गया जिसमें क्या करें, क्या न करें, की जानकारी हेतु जिला प्रशासन द्वारा जारी की जा रही है। इसके माध्यम से जनपद में अत्यधिक ठण्ड एवं शीतलहरी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के दृष्टिगत निराश्रित एवं असहाय तथा कमजोर वर्ग के असुरक्षित व्यक्तियों को आगामी शीतलहर में राहत एवं बचाव की जन जागरूकता के बिन्दु साझा किये जा रहे हैं जो निम्नवत है-
शीतलहर एडवाइजरी में क्या करेंः- अपने आपको गर्म रखें, ऊनी कपड़े पहनें, घर के अंदर ही रहे, गर्म पानी पिएं।
क्या न करेंः- कोयले एवं लकड़ी आदि को घर के अंदर न जलाएं, फ्रास्टेन एरिया में मालिश न करें, शरीर के कापने को नजर अंदाज न करें।
शीतलहर से पहलेः- सर्दियों के कपड़े पर्याप्त मात्रा में रखें। कपड़ों की कई परतें पहनना भी लाभदायक रहता है। आपातकालीन आपूर्तियों के लिए सभी सामान तैयार रखें।
शीतलहर के दौरानः- पर्याप्त पानी स्टोर करें, क्योंकि पाइपों में पानी जम सकता है। जितना संभव हो, घर के अंदर रहें। ठंडी हवा से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। अपने शरीर को सुखाकर रखें। यदि कपड़े गीले हो जाएँ तो उन्हें तुरंत बदलें। इससे शरीर की उष्मा बनी रहेगी। हाफ दस्ताने के बजाय पुरा दस्ताने को प्राथमिकता दें। पूरे दस्ताने अधिक गर्मी और तापावरोधन प्रदान करते हैं। मौसम की ताजा जानकारी के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखें, समाचार पत्र पढ़ें।
नियमित रूप से गर्म पेय पियें तथा शरीर को ठण्ड से बचाव हेतु गर्म कपड़े तथा अलाव आदि की व्यवस्था करें। शराब न पिएं, यह आपके शरीर के तापमान को कम करता है। बुजुर्गों और बच्चों का ख्याल रखें। शीतदंश के लक्षणों जैसे उगलियों, पैर की अंगुलियों, कानों की लोब और नाक की नोक पर सुन्नता, सफेदी या पीलेपन के प्रति सजग रहे। शीतदंश से प्रभावित हिस्से की मालिश न करें। इससे अधिक नुकसान हो सकता है। शीतदंश से प्रभावित शरीर के हिस्सों को गुनगुने पानी गर्म नहीं (शरीर के अप्रभावित भागों के स्पर्श के लिए आरामदायक होना चाहिए) में डालें। कंपकंपी को नजर अंदाज न करें। यह एक महत्वपूर्ण अग्रिम संकेत है कि शरीर गर्मी खो रहा है। कंपकपी महसूस होने पर तुरंत घर लौटें।
हाइपोथर्मिया के मामले मेंः- व्यक्ति को गर्म स्थान पर ले जाएं और कपडे बदल दें। व्यक्ति के शरीर को शारीरिक सम्पर्क, बिजली के कंबल, सूखे कम्बलों, कपड़ों, तौलियों या चादरों से गर्मी दें। शरीर के तापमान को बढ़ाने में मदद करने के लिए गर्म पेय पिलायें लेकिन मादक पेय न दें। जितनी जल्दी हो सके, व्यक्ति को उचित चिकित्सा उपचार कराने हेतु निकट के राजकीय चिकित्सालयों में 108 एम्बुलेन्स की सहायता लें।

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