'लैला मजनू' की दर्दभरी शिद्दत हो, 'मडगांव एक्सप्रेस' की कॉमिक टाइमिंग, 'खाकी: द बिहार चैप्टर' की सख़्ती या 'द मेहता बॉयज़' का ड्रामा – एविनाश तिवारी ने अपने काम से हर बार ये साबित किया है कि वो इमोशन्स और रेंज के खिलाड़ी हैं. उनकी परफॉर्मेंस हमेशा गहराई और असर के लिए सराही गई है. लेकिन इस बार जो सामने आया, वो थोड़ा हटकर है. विशाल भारद्वाज की आने वाली फिल्म 'ओ रोमियो' की तैयारी में एविनाश ने फ्लेमेंको डांस को भी अपना हथियार बनाया.
हाल ही में एविनाश ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो फ्लेमेंको डांस करते नज़र आ रहे हैं. इसी आर्ट फॉर्म के ज़रिए उन्होंने अपने किरदार जलाल को गढ़ा है, जो फिल्म में एक माटाडोर और एंटैगनिस्ट है. जलाल की खतरनाक मौजूदगी सिर्फ हिंसा से नहीं, बल्कि कंट्रोल और ठहराव से आती है. वीडियो में एविनाश की सीधी खड़ी देह, तेज़ फुटवर्क और भीतर दबा तनाव साफ महसूस होता है. वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, "स्पेन जाने से पहले. भाषा सीखने से पहले. शरीर पहले ही सब जानता था. 'ओ रोमियो' की तैयारी की एक झलक."
फिल्म में फ्लेमेंको का हिस्सा भले ही छोटा हो, लेकिन उसकी तैयारी बिल्कुल भी छोटी नहीं थी. एक अहम सीन के लिए एविनाश ने स्क्रीन पर फ्लेमेंको किया, हालांकि वो सीन फिल्म में रहेगा या नहीं, ये अभी देखना बाकी है. इस ट्रेनिंग का मकसद था माटाडोर की बॉडी लैंग्वेज को समझना – जलाल कैसे ज़मीन पर टिककर खड़ा होता है, कैसे सोच-समझकर आगे बढ़ता है और कैसे ख़ामोशी में भी खतरा बनाए रखता है. इतना तो साफ है कि डांस-ड्रिवन फिल्मों में भी एविनाश की ज़बरदस्त संभावना है, जो उनकी वर्सेटिलिटी की एक और झलक देती है.
'ओ रोमियो' में अपने इस फियरस और ट्रांसफॉर्मेटिव रोल को लेकर पहले से ही चर्चा में बने एविनाश के पास आगे इम्तियाज़ अली की 'ओ साथी रे' और प्रशांत झा की 'गिन्नी वेड्स सनी 2' भी हैं. ये सब मिलकर उन्हें उनकी पीढ़ी के सबसे भरोसेमंद और एक्साइटिंग एक्टर्स में और मज़बूती से खड़ा करता है.
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