ज्ञात हो कि भारत एचआईवी/एड्स उन्मूलन की दिशा में लगातार कठिन प्रयास कर रहा है। एड्स नामक इस भयानक बीमारी ने देश की एक बड़ी आबादी को अपने प्रभाव में जकड़ रखा है। एचआईवी से संबंधित मामलों को पूर्ण रूप से ख़त्म किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने इस प्रयास में अंशतः सफलता भी पाई है। भारत को "पूर्णतः एड्स मुक्त" होने में अभी काफी समय लगेगा, क्योंकि अभी भी देश में 15 से 49 वर्ष की उम्र के बीच के लगभग 25 लाख लोग एड्स से प्रभावित हैं। यह आँकड़ा विश्व में एड्स प्रभावित लोगों की सूची में तीसरे स्थान पर आता है।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ राजीव यादव ने कहा कि एचआईवी पॉजिटिव एक्सेप्ट गंभीर रोगों में है लेकिन व्यक्ति इसमें सुधार करके अपने जीवन शैली को लंबे समय तक सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। रंजन यादव ने गीतों के माध्यम से एचआईवी पॉजिटिव के बारे में विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ श्रुति मिश्रा ने किया। रैली का नेतृत्व डॉ सुनील सिंह एवं कार्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
रंजन यादव एवं प्रियंका यादव ने छात्रों को विस्तार से जागरूक किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ राघवेंद्र श्रीवास्तव ने सरकार द्वारा एचआईवी लोगों को समाज के मुख्य धारा में जोड़ने तथा इसके बचाव हेतु जन आंदोलन चलाए जाने का एक कार्यक्रम की रूप-रेखा तैयार की थी। इसी में रेट रिबन क्लब की स्थापना की गई थी। मुख्य अतिथि डॉ राजीव यादव उपस्थित रहे जिन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों एवं स्वयंसेविकाओं से यह अपेक्षा की जाती है कि वह ग्रामीण लोगों विशेषकर नौजवानों को जागरूक करने हेतु लोगों को प्रेरित करें। इसी क्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत रेड रिबन क्लब की उसके स्थापना दिवस पर महाविद्यालय परिसर में रंगारंग कार्यक्रम हुआ जहां तमाम लोगों की उपस्थित रही।
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